17.6 C
London
Monday, June 1, 2026
Home Business ऑयल टैंकर पर कमांडो एक्शन… मैक्रों ने शेयर किया VIDEO

ऑयल टैंकर पर कमांडो एक्शन… मैक्रों ने शेयर किया VIDEO

0
65

फ्रांसीसी नौसेना ने ब्रिटिश नेवी के साथ मिलकर समंदर में कमांडो एक्शन किया है और एक ऑयल टैंकर को अपने कब्जे में ले लिया है. यह ऑयल टैंकर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के दायरे में था. ये टैंकर रूस से आ रहा था. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सोमवार को X पर एक पोस्ट में इस कार्रवाई की घोषणा करते हुए बताया कि रविवार को अटलांटिक महासागर में ‘टैगोर (Tagor)’ जहाज पर चढ़कर उसे रोका गया. फ्रांसीसी राष्ट्रपति के अनुसार ये जहाज रूस से निकला था और प्रतिबंधित था. 

इस पोस्ट में एक वीडियो भी शामिल है, जिसमें एक कमांडो हेलीकॉप्टर से रस्सी के सहारे जहाज पर उतरता हुआ दिखाई दे रहा है. इसके अगले हिस्से में आधुनिक हथियार लिए हुए कमांडो जहाज पर कब्जा करते हुए दिख रहे हैं. रूस से संबंध होने के संदेह में टैंकरों को रोकने की फ्रांसीसी नौसेना की ये सबसे ताजा कार्रवाई है. 

मैक्रों ने लिखा, “यह बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है कि जहाज अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचने की कोशिश करें, समुद्री कानूनों का उल्लंघन करें और उस युद्ध के लिए पैसे मुहैया कराएं जिसे रूस पिछले 4 साल से भी ज़्यादा समय से यूक्रेन के खिलाफ लड़ रहा है.”

सम्बंधित ख़बरें

इस पोस्ट में एक वीडियो था जिसमें एक व्यक्ति हेलीकॉप्टर से रस्सी के सहारे नीचे उतरकर एक जहाज पर जा रहा था.

“ये जहाज, जो समुद्री नेविगेशन के सबसे बुनियादी नियमों का भी पालन नहीं करते, पर्यावरण और हर किसी की सुरक्षा के लिए भी एक खतरा हैं.”

फ्रांसीसी अधिकारियों के अनुसार यह टैंकर उत्तर-पश्चिमी रूस के मरमांस्क से रवाना हुआ था. 

रिपोर्ट के अनुसार इस जहाज पर फर्जी तरीके से कैमरून का एक झंडा लगा था, और ये जहाज पश्चिमी कैमरून के एक तटीय शहर लिम्बे की ओर बढ़ रहा था. 

La Marine nationale a arraisonné hier matin un nouveau pétrolier sous sanctions internationales en provenance de Russie : le Tagor. Notre détermination est constante et totale.

Cette intervention a été effectuée en Atlantique, en haute mer,… pic.twitter.com/zxEslYjbUE

— Emmanuel Macron (@EmmanuelMacron) June 1, 2026

अटलांटिक मैरीटाइम प्रिफेक्चर के प्रवक्ता गुइल्यूम ले रास्ले ने बताया कि यह टैंकर यूरोपीय संघ और संयुक्त राज्य अमेरिका के प्रतिबंधों के दायरे में था. 

उन्होंने बताया, “यह एक ऐसा जहाज था जिसके बारे में जानकारी थी और जिस पर नजर रखी जा रही थी.”

उन्होंने आगे कहा, “इसे अपने कब्जे में लेने का फैसला रविवार शाम को लिया गया था.” “इसे दूसरी दिशा में मोड़ने का मकसद इसके मालिकाना हक की जांच करना है.”

उन्होंने आगे बताया कि यह टैंकर जिसका झंडा कई बार बदला है, बोर्डिंग के समय लगभग खाली था. 

मैरिन ट्रैफिक ट्रैकर के अनुसार पिछली बार जब इसने एक हफ़्ता पहले ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम सिग्नल भेजा था, तब Tagor नॉर्वे के तट के पास से गुज़र रहा था और उस पर मेडागास्कर का झंडा लगा हुआ था.

तेल से होने वाली कमाई रूस की अर्थव्यवस्था का एक अहम हिस्सा है. इसकी बदौलत पुतिन यूक्रेन के खिलाफ जंग में बेझिझक पैसा खर्च कर पा रहे हैं.

माना जा रहा है कि रूस जंग की वजह से लगे इंटरनेशनल प्रतिबंधों से बचने के लिए सैकड़ों जहाजों के बेड़े का इस्तेमाल कर रहा है. फ्रांस और दूसरे देशों ने प्रतिबंधों को तोड़ने वाले इस तथाकथित “शैडो फ्लीट” के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का वादा किया है. 

फ्रांस द्वारा हाल ही में एक जहाज को रोके जाने की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने सोमवार को कहा कि रूस “इस तरह की कार्रवाइयों को गैर-कानूनी मानता है.”

उन्होंने सोमवार को कहा, “ये हरकतें समुद्री डकैती जैसी हैं.” “हम इस बात से बिल्कुल भी सहमत नहीं हैं कि ये कार्रवाइयां इंटरनेशनल कानूनों का पूरी तरह से पालन करते हुए की जा रही हैं.”

फ्रांस के समुद्री अधिकारियों ने बताया कि इस टैंकर को फ्रांस से 400 नॉटिकल मील से भी ज़्यादा पश्चिम में अटलांटिक महासागर के इंटरनेशनल जलक्षेत्र में रोका गया था. 
 

—- समाप्त —-

Get $10 by answering a Simple Survey. Click Here