अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोमवार को बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर अमेरिकी सेना ने लगातार तीसरी रात ईरान पर हवाई हमले किए. सेंटकॉम के मुताबिक इन हमलों का उद्देश्य ईरानी सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में वाणिज्यिक जहाजों पर हमले की उसकी क्षमता को कम करना है.
सेंटकॉम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा, ‘शाम 4:45 बजे (अमेरिकी समयानुसार) तीसरी लगातार रात ईरान पर हमले शुरू किए गए. ये हमले ईरानी सैन्य बलों पर भारी कीमत थोपेंगे और निर्दोष नागरिकों और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों पर हमला करने की उनकी क्षमता को कमजोर करेंगे.’
US हवाई हमलों से दहले ईरान के कई शहर
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ईरान की सरकारी मीडिया के मुताबिक दक्षिणी शहर बंदर अब्बास (Bandar Abbas) में कई धमाकों की आवाजें सुनी गईं. इसके अलावा फारस की खाड़ी में स्थित किश द्वीप (Kish Island) पर भी दो विस्फोट हुए. ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने भी बंदर अब्बास के पूर्वी हिस्से में विस्फोटों की पुष्टि की. तस्नीम न्यूज एजेंसी ने बताया कि बंदर अब्बास में ईरान ने अपना एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव कर दिया है. केशम द्वीप और बुशहर के जाम इलाके में भी कई धमाकों की आवाज सुनी गई.
ईरान ने अमेरिकी जहाज को बनाया निशाना
ईरानी मीडिया ने अपनी सेना के हवाले से एक अमेरिकी जहाज को क्रूज मिसाइलों से निशाना बनाने का दावा किया. इसके अलावा ईरानी सेना ने कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों और सैन्य उपकरणों पर ड्रोन हमले किए जाने का भी दावा किया. तस्नीम न्यूज एजेंसी ने यह भी दावा किया कि होर्मुज में नियमों का उल्लंघन करने वाले कई जहाजों को निशाना बनाया गया है.
ईरान पर करेंगे जोरदार प्रहार: डोनाल्ड ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप ने रेडियो होस्ट ह्यू हेविट (Hugh Hewitt) के साथ बातचीत में कहा कि ईरान पर अमेरिका आज रात और कल भी जोरदार प्रहार करेगा. उन्होंने कहा, ‘ईरान के साथ हुआ समझौता सिर्फ एक परीक्षा थी और उन्होंने उसका पालन नहीं किया. दुनिया की सबसे मजबूत सेना हमारे पास है. आपने वेनेज़ुएला में यह देखा और अब ईरान में भी देख रहे हैं. पिछले 47 वर्षों से वे (ईरान) दूसरों को धमकाते रहे, लेकिन अब वे हमें नहीं, बल्कि हम उन्हें दबा रहे हैं.’
अमेरिका फिर शुरू करेगा समुद्री नाकाबंदी
यूएस सेंटकॉम ने घोषणा की कि 14 जुलाई को शाम 4 बजे (अमेरिकी समयानुसार) से ईरानी बंदरगाहों में आने-जाने वाले समुद्री यातायात पर फिर से नाकाबंदी लागू की जाएगी. अमेरिकी सेना ने कहा कि यह कार्रवाई राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर की जा रही है. नाकाबंदी के दौरान ईरानी बंदरगाहों की ओर जाने या वहां से आने वाले जहाजों की निगरानी और रोकथाम की जाएगी. हालांकि, जो जहाज नाकाबंदी का उल्लंघन नहीं करेंगे, उन्हें क्षेत्रीय समुद्री मार्गों से सुरक्षित गुजरने दिया जाएगा. यूएस सेंटकॉम के अनुसार, इससे पहले 13 अप्रैल से 18 जून के बीच लागू नाकाबंदी के दौरान 140 से अधिक जहाजों का मार्ग बदला गया था, नौ जहाजों को निष्क्रिय किया गया था और मानवीय सहायता लेकर जा रहे 50 से अधिक वाणिज्यिक जहाजों को गुजरने की अनुमति दी गई थी.
Yesterday, using multiple one-way attack surface drones, CENTCOM forces successfully struck a submarine and ship maintenance facility in Iran. Three Corsair unmanned surface vessels hit the port at Bandar Abbas Naval Base, marking the first time American forces have employed sea… pic.twitter.com/bOM2kmgRxz
— U.S. Central Command (@CENTCOM) July 13, 2026
हूती विद्रोहियों का सऊदी अरब पर हमला
इस बीच यमन के हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि उन्होंने सऊदी अरब के अब्हा एयरपोर्ट पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया है. हूतियों ने अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस को सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र से उड़ान न भरने की चेतावनी भी दी है. अमेरिका, ईरान और उसके सहयोगी समूहों के बीच बढ़ते इस सैन्य टकराव ने पूरे पश्चिम एशिया में तनाव को फिर से बढ़ा दिया है.स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और खाड़ी क्षेत्र में जारी संघर्ष का असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ रहा है. कच्चे तेल के दाम फिर से बढ़ने लगे हैं.
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