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TMC के बागी लोकसभा सांसद कल स्पीकर बिरला से मिलेंगे:ममता ने सायोनी घोष और माला रॉय को पार्टी पद से हटाया, दोनों दिल्ली पहुंचीं

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कोलकाता2 घंटे पहले

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TMC बागी गुट के 17 सांसद रविवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मिले। - Dainik Bhaskar

TMC बागी गुट के 17 सांसद रविवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मिले।

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के 28 सांसदों में से 20 बागी सांसदों का गुट त्रिपुरा की नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी (NCPI) में विलय का ऐलान किया।

बागी गुट की नेता काकोली घोष दस्तीदार ने रविवार शाम लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र सौंपने के बाद इसका ऐलान किया। उन्होंने कहा- हम PM मोदी के नेतृत्व में NDA के साथ काम करेंगे।

बागी सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय और शताब्दी रॉय ने कहा कि उनका गुट पहले ही NCPI में विलय कर चुका हैं।

बिरला से मुलाकात की जो फोटो सामने आई है, उसमें 17 TMC सांसद दिख रहे हैं। स्पीकर से मुलाकात से पहले सांसदों ने बंगाल भाजपा प्रभारी और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के साथ बैठक की थी।

संसद में अलग सिटिंग की मांग, 5 बड़ी बातें

1. TMC के बागी सांसदों ने स्पीकर से संसद में अलग बैठने की जगह देने की मांग की। 2. काकोली घोष के मुताबिक, नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी NDA को समर्थन देगी। 3. काकोली के अनुसार, बागी गुट के पास दो-तिहाई सांसदों का समर्थन है। 4. ममता बनर्जी गुट ने स्पीकर को पत्र देकर अलग गुट को मान्यता न देने की मांग की। 5. सुदीप बंद्योपाध्याय ने कहा- असली TMC कौन है, इसका फैसला अदालत करेगी। बागी गुट TMC के चुनाव चिन्ह ‘जुड़वा फूल’ पर भी दावा करेगा।

NCPI त्रिपुरा की गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टी

नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) त्रिपुरा की रजिस्टर्ड लेकिन गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टी है। पार्टी 2023 के त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में चार सीटों- चावमानू, अंबासा, करमछड़ा और कैलाशहर पर चुनाव लड़ी थी। उसका प्रदर्शन काफी कमजोर रहा था।

पार्टी का नारा था, “अपने अधिकार बचाने के लिए दलबदलुओं को नकारें, राजनीतिक हस्तियों नहीं बल्कि सामाजिक कार्यकर्ताओं का समर्थन करें।” चावमानू सीट से NCPI के उम्मीदवार बरजेदा त्रिपुरा थे, जिन्हें 536 वोट मिले थे और वे पांचवें स्थान पर रहे थे।

NCPI नेता को TMC सांसदों के विलय की जानकारी नहीं

दिलचस्प बात यह है कि TMC के बागी सांसदों के पार्टी में शामिल होने की खबर सुनकर बरजेदा हैरान रह गए। उन्होंने कहा कि उन्होंने 2023 में चुनाव लड़ा था, लेकिन अब पार्टी अचानक राष्ट्रीय चर्चा में कैसे आ गई, इसकी उन्हें जानकारी नहीं थी।

बरजेदा दिहाड़ी मजदूर हैं और उन्होंने बताया कि कृष्णा देबबर्मा नाम के व्यक्ति के कहने पर चुनाव लड़ा था। उनके हलफनामे के मुताबिक, 2023 में उनकी उम्र 62 साल थी, उन्होंने 8वीं तक पढ़ाई की थी और उनकी कुल संपत्ति करीब 4 लाख रुपए थी।

3 सवाल-जवाब में जानिए आगे क्या होगा?

1. सवाल: बागी सांसदों ने नई पार्टी में विलय का कदम क्यों उठाया?

जवाब: दल-बदल विरोधी कानून से बचने के लिए यह कदम उठाया गया है। बागी गुट के सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने कहा- हम नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी में विलय कर चुके हैं। नियम के तहत जब आप पार्टी के 2/3 सदस्यों के साथ अलग होते हैं, तो आप पहले ही दिन उस पार्टी का नाम नहीं मांग सकते। जुलाई में, हम तृणमूल का नाम हमें देने की मांग करेंगे, क्योंकि हमारे पास तृणमूल का 2/3 बहुमत है। फिर कोर्ट तय करेगा।

2. सवाल: बागी सांसद अभी क्या करेंगे?

जवाब: बागी सांसदों ने स्पीकर से लोकसभा में TMC के अन्य सांसदों से अलग बैठने की जगह देने की मांग की है। TMC के 28 सांसद हैं। 20 सांसद अलग हो गए हैं। ऐसे में बागी सांसदों को NDA को समर्थन देने की वजह से सत्तापक्ष के पास सिटिंग मिल सकती है।

3. सवाल: ममता बनर्जी का गुट क्या करेगा?

जवाब: TMC पर अपना दावा पेश करेगा। राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने रविवार को ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक पत्र भेजा और बागी गुट को मान्यता नहीं देने की मांग की।

ममता से अलग हुए 20 बागी सांसदों के नाम…

लोकसभा सीट सांसद लोकसभा सीट सांसद
बारासात काकोली घोष दस्तीदार घाटाल दीपक अधिकारी (देव)
कूचबिहार जगदीश चंद्र बसुनिया झाड़ग्राम कालीपद सोरेन
जांगीपुर खलीलुर रहमान मेदिनीपुर जून मालिया
बहरामपुर यूसुफ पठान बांकुड़ा अरूप चक्रवर्ती
मुर्शिदाबाद अबू ताहेर खान बर्धमान पूर्व डॉ. शर्मिला सरकार
बैरकपुर पार्थ भौमिक हावड़ा प्रसून बंधोपाध्याय
मथुरापुर बापी हलदार बोलपुर असित कुमार माल
जादवपुर सायोनी घोष बीरभूम शताब्दी रॉय
कोलकाता दक्षिण माला रॉय हुगली रचना बनर्जी
आरामबाग मिताली बाग कोलकाता उत्तर सुदीप बंद्योपाध्याय

TMC में टूट से जुड़ी खबर के अपडेट्स के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…

अपडेट्स

05:14 PM14 जून 2026

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ममता बनर्जी के आवास से निकले अभिषेक बनर्जी समेत कई नेता

TMC के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी, पार्टी नेता गौतम देब और चंद्रिमा भट्टाचार्य पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी के आवास से बाहर निकलते नजर आए।

04:48 PM14 जून 2026

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कपिल सिब्बल बोले- TMC सांसदों का विलय बेतुका, अयोग्य ठहराया जाए

राज्यसभा सांसद और सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने TMC के बागी सांसदों के नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी (NCPI) में विलय के ऐलान पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय लोकतंत्र हास्यास्पद नाटक बनता जा रहा है।

सोशल मीडिया पर सिब्बल ने लिखा- TMC संसदीय दल के बागी सांसद किसी दूसरी राजनीतिक पार्टी में अपने दम पर विलय नहीं कर सकते। ऐसा तभी संभव है, जब पूरी TMC पार्टी ऐसा फैसला करे। उन्होंने कहा- यह एक मजाक है। TMC के बागी सांसदों का किसी दूसरी पार्टी में विलय कानूनी रूप से संभव नहीं है। उन्हें अयोग्य घोषित किया जाना चाहिए।

04:44 PM14 जून 2026

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कुनाल घोष बोले- NDA में जाना मतदाताओं के साथ विश्वासघात

TMC विधायक कुणाल घोष ने बागी सांसदों के NDA के साथ जाने के फैसले की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि ये सांसद निर्दलीय नहीं, बल्कि तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में चुने गए थे और उन्हें वोट देने वाले अधिकांश लोग BJP के विरोधी थे।

कुनाल घोष ने कहा- अब उनका NDA में जाना सिर्फ ममता बनर्जी और TMC के साथ ही नहीं, बल्कि उन सभी मतदाताओं के साथ भी विश्वासघात है जिन्होंने उन्हें वोट दिया था।

CID की पूछताछ को लेकर उन्होंने कहा- CID ने मुझे बुलाया था। मैं हमेशा किसी भी जांच में सहयोग करता हूं और इस मामले में भी मैंने पूरी तरह सहयोग किया है।

04:35 PM14 जून 2026

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शताब्दी रॉय बोलीं- हम NCPI में विलय कर चुके, पार्टी सिंबल पर दावा नहीं किया

04:25 PM14 जून 2026

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TMC विधायक बोले- तृणमूल छोड़ना गलत, इतने कम सांसदों से नई पार्टी नहीं बन सकती

TMC विधायक मदन मित्रा ने बागी सांसदों के लोकसभा स्पीकर से मिलने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो हुआ वह सही नहीं है। उन्होंने कहा- ये सांसद TMC को मजबूत करने और पार्टी नेतृत्व के साथ काम करने के लिए चुने गए थे, न कि अलग पार्टी बनाने के लिए।

मदन मित्रा ने कहा- अब ये लोग अपने रास्ते से हट गए हैं, लेकिन हर कोई ऐसा नहीं करेगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि अलग राजनीतिक दल बनाने के लिए जितनी संख्या की जरूरत होती है, वह इस छोटे समूह के पास नहीं है।

03:53 PM14 जून 2026

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बागी सांसद अरूप चक्रवर्ती बोले- सायोनी घोष हमारी नेता

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात के बाद बागी TMC सांसद अरूप चक्रवर्ती ने कहा- स्पीकर के साथ हमारी चर्चा पॉजिटिव रही। बंगाल के मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हम देशहित में काम करना चाहते हैं। अगर BJP हमसे मदद मांगेगी तो हम मदद करेंगे और जरूरत पड़ने पर हम भी उनसे मदद मांगेंगे। अरूप ने यह भी कहा कि सायोनी घोष उनके गुट की नेता हैं और वह भी उनके साथ मौजूद थीं।

03:23 PM14 जून 2026

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अभिषेक बनर्जी ममता बनर्जी के आवास पर पहुंचे

03:15 PM14 जून 2026

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TMC के बागी सांसदों की स्पीकर के साथ मुलाकात की तस्वीरें, सायोनी-यूसुफ भी दिखे

03:12 PM14 जून 2026

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बागी TMC सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय बोले- असली TMC का फैसला कोर्ट करेगा

03:12 PM14 जून 2026

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कोलकाता में ममता बनर्जी के आवास पहुंचे डेरेक ओ’ब्रायन

03:11 PM14 जून 2026

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काकोली घोष बोलीं- हम नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी में विलय करेंगे

03:09 PM14 जून 2026

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ममता बनर्जी के घर पहुंचे TMC नेता, बैठक के बाद निकले बाहर

कोलकाता में TMC प्रमुख ममता बनर्जी के आवास पर पार्टी की अहम बैठक हुई। बैठक के बाद TMC विधायक कुणाल घोष, TMC नेता सोवनदेब चट्टोपाध्याय और सांसद कल्याण बनर्जी ममता के आवास से बाहर निकलते नजर आए। हालांकि बैठक में क्या चर्चा हुई, इस बारे में नेताओं ने कोई जानकारी नहीं दी।

02:44 PM14 जून 2026

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राजनीतिक पार्टी का अलग गुट बनाने का नियम

दल-बदल कानून (10वीं अनुसूची) के तहत अलग गुट को मान्यता तभी मिलती है। जब पार्टी के कम से कम दो-तिहाई विधायक या सांसद उसके साथ हों। TMC के मामले में अभी यह स्थिति है…

विधानसभा में ममता के 80 विधायकों में से 58 अलग हो चुके हैं। यानी बागी गुट के पास दो-तिहाई समर्थन है।

लोकसभा में लोकसभा में 28 में से 20 सांसद बगावत कर चुके हैं। यानी यहां भी बागी गुट के पास दो-तिहाई से ज्यादा बहुमत है।

दो-तिहाई सदस्य किसी दूसरी पार्टी में विलय कर सकते हैं या अलग गुट बनाकर उसकी मान्यता मांग सकते हैं।

अंतिम निर्णय विधानसभा अध्यक्ष, लोकसभा अध्यक्ष या राज्यसभा के सभापति लेते हैं। हालांकि, ममता गुट इस पूरे मामले को कोर्ट में चुनौती दे सकता है।

02:43 PM14 जून 2026

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ममता की हार के 14 दिन बाद ही टूट गई थी TMC

ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस(TMC) में फूट उनकी हार के 14 दिन बाद ही शुरू हो गई थी। 4 मई को रिजल्ट आया था और बागी सांसदों ने 18 मई को ही लोकसभा स्पीकर को लेटर भेजा दिया और अलग गुट बनाने की मांग की थी। इस चिठ्ठी में यूसुफ पठान, सायोनी घोष, काकोली घोष और शताब्दी रॉय जैसे 19 बड़े नाम शामिल थे। एक बागी सांसद का नाम आज सामने आया है।

लेटर का सिर्फ साइन वाला हिस्सा, जिसमें सायोनी के भी हस्ताक्षर

19 बागी सांसदों का साइन वाला लेटर शुक्रवार, 12 जून को सामने आया था।

19 बागी सांसदों का साइन वाला लेटर शुक्रवार, 12 जून को सामने आया था।

02:42 PM14 जून 2026

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बंगाल में महाराष्ट्र जैसी बगावत, 4 साल पहले उद्धव को खोनी पड़ी थी शिवसेना

20 जून 2022 को महाराष्ट्र में शिवसेना के 55 में से 40 विधायक एकनाथ शिंदे के साथ गए। तब उद्धव सीएम थे। राज्यपाल ने उन्हें फ्लोर टेस्ट को कहा। उद्धव सुप्रीम कोर्ट गए, लेकिन कोर्ट ने फ्लोर टेस्ट नहीं रोका तो उद्धव ने इस्तीफा दे दिया।

30 जून 2022 को शिंदे भाजपा के समर्थन से सीएम बन गए। फिर दोनों गुट एक-दूसरे के विधायकों को अयोग्य ठहराने सुप्रीम कोर्ट गए। कोर्ट ने फैसला स्पीकर राहुल नार्वेकर पर छोड़ दिया।

10 जनवरी 2023 को स्पीकर ने कहा कि जब बगावत हुई, तब शिंदे गुट में 37 विधायक थे। इसलिए यही असली शिवसेना है। स्पीकर ने विधायकों को अयोग्य ठहराने की याचिकाएं खारिज कर दीं। इनकी सदस्यता भी रद्द नहीं की। इसी बीच, चुनाव आयोग ने शिवसेना का चुनाव चिह्न धनुष-बाण शिंदे गुट को दे दिया।

02:41 PM14 जून 2026

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ममता के पास अब सिर्फ 22 विधायक और 17 सांसद बचे

टीएमसी के पास कुल 28 लोकसभा सांसद थे, जिसमें से 20 अलग हो गए हैं। अब लोकसभा में ममता के पास सिर्फ 8 सांसद बचे हैं। राज्यसभा की बात करें तो 13 में से 4 सांसद इस्तीफा दे चुके हैं यानी सिर्फ 9 राज्यसभा सांसद बचे हैं।

विधानसभा की बात करें तो टीएमसी ने इस बार के चुनाव में 80 सीटें जीती थीं। जिसमें से 58 विधायक अलग गुट बना चुके हैं। ममता के पास सिर्फ 22 विधायक बचे हैं।

02:39 PM14 जून 2026

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TMC सांसदों और विधायकों की ममता से बगावत का घटनाक्रम…

8 जून: ममता बनर्जी के 28 में से 20 लोकसभा सांसद टूटे

8 जून को टीएमसी के लोकसभा के 28 सांसदों में से 20 ने एनडीए सरकार को समर्थन देने का फैसला किया था। सांसद और TMC की पूर्व नेता काकोली घोष दस्तीदार ने कहा था कि सांसदों के साइन वाला पत्र लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को भेज दिया है। इसमें अलग संसदीय ब्लॉक के रूप में अलग बैठने की व्यवस्था की मांग भी की गई।

3 जून: 28 साल पुरानी TMC में बगावत, 58 विधायक अलग हुए

3 जून को टीएमसी में पहली बार बगावत की खबर सामने आई थी। 58 बागी विधायकों ने पार्टी से निकाले गए विधायक ऋतब्रत बनर्जी को अपना नेता चुना। विधानसभा स्पीकर रथींद्र बोस को समर्थन पत्र दिया। इसमें मांग की गई कि ऋतब्रत को नेता विपक्ष घोषित किया जाए। स्पीकर ने मंजूरी दे दी।

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