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बेअदबी कानून: पंजाब सरकार को एक माह में दूर करनी होंगी सभी आपत्तियां, श्री अकाल तख्त साहिब ने दिए आदेश

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बेअदबी कानून: विधायक बोले-बिना पढ़े किए थे दस्तखत, श्री अकाल तख्त का आदेश- एक माह में दूर करें आपत्तियां

Mon, 29 Jun 2026 08:54 PM IST

विकास कुमार


संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)

संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)

Published by: विकास कुमार

Updated Mon, 29 Jun 2026 08:54 PM IST

जत्थेदार ने कहा कि कानून बनाना सरकार का अधिकार है लेकिन धर्म से जुड़े किसी भी कानून में संशोधन या नया प्रावधान करने से पहले एसजीपीसी और श्री अकाल तख्त साहिब से परामर्श आवश्यक है।

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श्री अकाल तख्त पर पेश हुए आप के मंत्री और विधायक
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार

द जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) एक्ट-2026 को लेकर सोमवार को पंजाब सरकार को श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष जवाब देना पड़ा। पेशी के दौरान कुछ विधायकों ने स्वीकार किया कि उन्होंने एक्ट को पढ़े बिना ही उस पर सहमति दे दी थी।

इस पर श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने सरकार को एक माह के भीतर एक्ट में दर्ज आपत्तियों का समाधान करने का आदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक आवश्यक संशोधन नहीं किए जाते तब तक इस कानून को लागू न किया जाए।

सोमवार को पंजाब सरकार के मंत्री और विभिन्न दलों के सिख विधायक श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश हुए और अपना पक्ष रखा। जत्थेदार ने कहा कि कानून तैयार करते समय न तो श्री अकाल तख्त साहिब से राय ली गई और न ही शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) से औपचारिक परामर्श किया गया। सरकार को जल्द ही एक्ट पर दर्ज आपत्तियों की विस्तृत सूची सौंप दी जाएगी। सरकार को पंथ की भावनाओं और धार्मिक मर्यादा का सम्मान करते हुए आवश्यक संशोधन करने होंगे।

बैठक के दौरान विधायक डॉ. इंद्रबीर सिंह निज्जर ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब यह बताए कि कानून में किन प्रावधानों को शामिल किया जाना चाहिए। इस पर जत्थेदार ने कहा कि कानून बनाना सरकार का अधिकार है लेकिन धर्म से जुड़े किसी भी कानून में संशोधन या नया प्रावधान करने से पहले एसजीपीसी और श्री अकाल तख्त साहिब से परामर्श आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2008 में संशोधन के समय एसजीपीसी की राय ली गई थी लेकिन इस बार ऐसा नहीं किया गया।

इस पर विधानसभा की सेलेक्ट कमेटी के अध्यक्ष डॉ. इंद्रबीर सिंह निज्जर ने कहा कि कमेटी ने सुझाव मांगने के लिए एसजीपीसी को औपचारिक निमंत्रण भेजा था लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।

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