अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने दोनों मुल्कों के बीच कई महीनों से चल रही जंग को खत्म करने के लिए एमओयू पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर कर दिए हैं.
अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों के अनुसार, दोनों देशों के राष्ट्रपतियों ने बुधवार को इस एमओयू पर साइन किए. यह समझौता तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है.
अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप ने फ्रांस के पैलेस ऑफ वर्सेलिस में मैक्रों के साथ डिनर के दौरान अमेरिका-ईरान एग्रीमेंट की हार्ड कॉपी पर भी आधिकारिक रूप से हस्ताक्षर कर दिए. साइन किए गए एग्रीमेंट की कॉपी ईरान और मध्यस्थ करा रहे देशों को भेज दी गई है. इससे पहले रविवार को अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने एमओयू पर इलेक्ट्रॉनिक रूप से साइन किए थे.
“It’s signed.”
President Trump told reporters he signed the Iran memorandum of understanding in Versailles as he departed the palace following a dinner with French President Emmanuel Macron.
A White House official says a photo of the signed agreement was sent to Iran and the… pic.twitter.com/HVELS6RYVB
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— Fox News (@FoxNews) June 17, 2026
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि एमओयू पर साइन होने से दोनों देशों के बीच लगभग चार महीने से चला आ रहा संघर्ष खत्म हो गई है.
जिनेवा वार्ता अब भी प्रस्तावित
हालांकि, शुक्रवार को दोनों देशों के वार्ता दलों का जिनेवा में इकट्ठा होने का कार्यक्रम अभी भी तय है. ईरानी अधिकारियों ने कहा कि शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में होने वाली बैठक का उद्देश्य समझौते पर हस्ताक्षर करना नहीं है. साथ ही, यह बैठक वास्तव में होगी या नहीं, इस पर अंतिम निर्णय अगले कुछ घंटों में लिए जाने की उम्मीद है.

लेकिन इससे यह भी संकेत मिलता है कि दस्तावेज पर डिजिटल रूप से हस्ताक्षर किए जा चुके हैं इसलिए स्विट्जरलैंड में आमने-सामने होने वाले हस्ताक्षर समारोह का आयोजन नहीं किया जाएगा.
The moment President Trump signs the Iran deal at the Palace of Versailles.
The agreement was finalized during a dinner hosted by French President Emmanuel Macron inside the historic palace.
The signing marked a major diplomatic milestone after months of negotiations aimed at… pic.twitter.com/slt91WwA2O
— Fox News (@FoxNews) June 18, 2026
तेल बिक्री और प्रतिबंधों में राहत
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि तेहरान को अपने तेल की बिक्री बिना किसी परिवहन या बीमा संबंधी प्रतिबंध के करने की अनुमति मिलनी चाहिए. उस बिक्री से होने वाली आय तक उसकी पूरी पहुंच होनी चाहिए.
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ने ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों तक उसकी पहुंच में मौजूद बाधाओं को हटाने की प्रतिबद्धता जताई है. ईरान चाहता है कि वह अपने तेल का निर्यात स्वतंत्र रूप से कर सके. उसके तेल को ले जाने वाले जहाजों और बीमा सेवाओं पर कोई रोक न हो और तेल बिक्री से होने वाली कमाई सीधे उसे प्राप्त हो सके.
ईरान का कहना है कि अगले 60 दिनों तक दोनों देशों को संयम बरतना होगा और ऐसे किसी भी राजनीतिक, आर्थिक या सैन्य कदम से बचना होगा जिससे समझौते के क्रियान्वयन और आपसी विश्वास पर नकारात्मक प्रभाव पड़े.
बता दें कि इससे पहले स्विट्जरलैंड के लूजर्न शहर के पास बर्गेनस्टॉक रिजॉर्ट में शुक्रवार को होने वाले हस्ताक्षर समारोह की तैयारी के बीच अमेरिकी अधिकारियों ने चेतावनी दी थी कि यह समझौता केवल एक प्रारंभिक ढांचा है. दोनों पक्ष किसी भी समय अंतिम समझौते से पीछे हट सकते हैं.
एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा था कि स्विट्जरलैंड में होने वाली आगे की वार्ता यह तय करेगी कि यह ढांचा एक पूर्ण और स्थायी समझौते में बदल पाएगा या नहीं. वहीं, दोनों देशों के बीच हुई सहमति के मुताबिक, हस्ताक्षर के बाद 60 दिनों की बातचीत अवधि शुरू होगी, जिसे दोनों पक्षों की सहमति से बढ़ाया जा सकता है. इसी अवधि में अंतिम समझौते के विवरण तय किए जाएंगे.
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