15.7 C
London
Wednesday, May 27, 2026
Home Business राहुल गांधी के आरोपों पर CBSE की सफाई, कहा

राहुल गांधी के आरोपों पर CBSE की सफाई, कहा

0
99

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने इस साल बोर्ड परीक्षाओं के लिए डिजिटल मूल्यांकन (On-Screen Marking) का ठेका हैदराबाद की कंपनी Coempt EduTeck को दिए जाने को लेकर उठे विवाद और अनियमितता के आरोपों को खारिज कर दिया है. CBSE ने कहा है कि अनुबंध देने की पूरी प्रक्रिया सामान्य वित्तीय नियम (GFR) के तहत पारदर्शी तरीके से पूरी की गई है.

यह विवाद तब सामने आया जब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने Coempt EduTeck को CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रक्रिया का ठेका दिए जाने पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि आखिर ऐसी कंपनी को इतनी बड़ी जिम्मेदारी क्यों दी गई, जिसका नाम 2019 के तेलंगाना बोर्ड परीक्षा विवाद से जुड़ा रहा है. उन्होंने 12वीं की परीक्षा के मूल्यांकन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए. 

राहुल गांधी ने कहा कि हैदराबाद स्थित कंपनी Coempt EduTeck पहले भी बड़े परीक्षा विवाद में चर्चा में रह चुकी है. इसके बावजूद उसे डिजिटल मूल्यांकन की जिम्मेदारी देना कई सवाल खड़े करता है. हालांकि, CBSE ने आधिकारिक बयान जारी कर इन आरोपों को गलत, भ्रामक और तथ्यों पर आधारित नहीं बताया.

CBSE rejects the allegations regarding the award of contract to Coempt Edutech. It is erroneous, misleading and not based on facts.

CBSE has followed the General Financial Rules protocols scrupulously in the awarding of the contract to the agency. CBSE floated the RFP for…

सम्बंधित ख़बरें

— CBSE HQ (@cbseindia29) May 27, 2026

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने कहा कि 28 अगस्त 2025 को केंद्रीय सार्वजनिक खरीद पोर्टल पर 2026 बोर्ड परीक्षाओं के डिजिटल मूल्यांकन के लिए ‘प्रस्ताव के लिए अनुरोध’ जारी किया गया था. निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले योग्य बोलीदाता को ही अनुबंध दिया गया. चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रही.

CBSE के मुताबिक, स्थापित सरकारी खरीद नियमों के तहत ही पूरी की गई. इसके बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने तुरंत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X कहा कि इनकार करना कोई जवाब नहीं है. उन्होंने लिखा, ”शिक्षा मंत्री और CBSE मेरे पूछे गए चार आसान सवालों का जवाब क्यों नहीं दे पा रहे हैं? 18.5 लाख स्टूडेंट्स का भविष्य खतरे में पड़ गया है. वे सच जानने के हकदार हैं.”

A denial is not an answer.

Why are the Education Minister and CBSE unable to answer the four simple questions I have asked?

The future of 18.5 lakh students have been put in jeopardy. They deserve the truth. https://t.co/z65GDxKY7J

— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) May 27, 2026

दरअसल पूरा विवाद 2019 के तेलंगाना इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम मामले से जुड़ा हुआ है. उस समय तेलंगाना स्टेट बोर्ड ऑफ इंटरमीडिएट एजुकेशन (TSBIE) ने राज्य की 11वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम प्रोसेस करने का अनुबंध IT कंपनी ग्लोबरेना टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड को दिया था.

अप्रैल 2019 में जब परीक्षा परिणाम घोषित हुए तो उनमें बड़े पैमाने पर विसंगतियां सामने आई थीं. हजारों मेधावी छात्रों को गलती से फेल घोषित कर दिया गया था. कई छात्रों को उन विषयों में शून्य अंक दिए गए, जिनकी परीक्षा उन्होंने दी थी. कुछ मामलों में छात्रों के प्रैक्टिकल अंक तक दर्ज नहीं किए गए थे. इन गड़बड़ियों के बाद छात्रों और अभिभावकों में भारी आक्रोश फैल गया था. 

विवाद इतना बढ़ा कि उस दौरान 20 से अधिक छात्रों की आत्महत्या की खबरें भी सामने आई थीं. इसके बाद राज्यभर में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन हुए थे. इस मामले की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय सरकारी समिति ने अपनी रिपोर्ट में ग्लोबरेना टेक्नोलॉजीज और बोर्ड दोनों को जिम्मेदार ठहराया था. कंपनी के रिजल्ट प्रोसेसिंग सॉफ्टवेयर के क्रियान्वयन में गंभीर खामियों की ओर इशारा किया था. 

इसके साथ ही मानवीय डेटा एंट्री त्रुटियों का भी जिक्र किया गया था. इसके बाद में ग्लोबरेना टेक्नोलॉजीज ने अपना नाम बदलकर Coempt EduTeck कर लिया. इसके बाद भी कंपनी शिक्षा क्षेत्र में सक्रिय रही. विभिन्न विश्वविद्यालयों और परीक्षा संस्थाओं के लिए डिजिटल मूल्यांकन और परीक्षा प्रबंधन से जुड़े कार्य करती रही. इसी पृष्ठभूमि को लेकर राहुल गांधी ने कंपनी के खिलाफ सवाल उठाए थे.

वहीं Coempt EduTeck के CEO वीएसएन राजू ने भी आरोपों को खारिज किया है. उन्होंने कहा कि कंपनी ने अपनी क्षमता साबित करते हुए तकनीकी और वित्तीय दोनों चरणों में प्रतिस्पर्धी बोली के आधार पर अनुबंध हासिल किया है. कंपनी ने सभी पात्रता मानकों को पूरा किया और प्रतिस्पर्धी दर की पेशकश की थी. उन्होंने कहा कि कंपनी के खिलाफ लगाए जा रहे आरोप राजनीतिक और भ्रामक हैं.

—- समाप्त —-

Get $10 by answering a Simple Survey. Click Here