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- CBSE 12th Result Controversy: OSM Tender Re Evaluation Portal | Dharmendra Pradhan
नई दिल्ली7 मिनट पहले
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केंद्र सरकार ने मंगलवार को ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) विवाद के बीच CBSE के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का ट्रांसफर कर दिया। इसके अलावा OSM सर्विस के टेंडर और खरीद प्रक्रिया की जांच के लिए एक सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है।
OSM प्रणाली में गड़बड़ी का खुलासा करने वाले 12वीं के छात्र सार्थक सिद्धांत आज दोपहर एक बजे संसद की स्थायी समिति के सामने पेश हुए। ऐसा पहली बार हुआ कि किसी मामले में कोई स्टूडेंट अपनी बात रखने के लिए बुलाया गया।
उधर, CBSE के री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर साइबर अटैक हुआ। CBSE के अनुसार, 2 मिनट में 15 लाख एक्सेस अटेंप्ट हुए, जबकि 1 लाख से ज्यादा बार सिस्टम की फाइलों तक बिना अनुमति पहुंचने की कोशिश की गई।
हालांकि, साइबर अटैक के बावजूद पोर्टल काम करता रहा और दोपहर 3 बजे तक 16 हजार से ज्यादा छात्रों ने आवेदन कर दिया। यह पोर्टल सोमवार से शुरू होना था।
दरअसल, 13 मई को CBSE ने 12वीं का रिजल्ट जारी किया था। इस बार पहली बार कॉपियां कंप्यूटर स्क्रीन (OSM सर्विस) पर चेक की गई थीं। रिजल्ट आने के बाद कई छात्रों ने नंबरों को लेकर शिकायत की, जिसके बाद पूरे मामले की जांच शुरू की गई है।
स्टूडेंट ने संसदीय समिति को बताया- OSM में 15 खामियां

छात्र सार्थक सिद्धांत ने संसद की स्थायी समिति के सामने प्रेजेंटेशन दिया।
सार्थक सिद्धांत ने संसद की स्थायी समिति के सामने OSM प्रणाली के लागू होने और इसके टेंडर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर अपनी बात रखी। सार्थक सिद्धांत ने कहा, ‘मेरे ब्लॉग के अनुसार कम से कम 15 खामियां हैं।’ इसके बाद शिक्षा मंत्रालय ने CBSE से कोएम्प्ट (COEMPT) को टेंडर देने को लेकर बोर्ड से रिपोर्ट मांगी।
संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह ने बताया, ‘सार्थक ने समिति के समक्ष अपनी बात रखी है। अब समिति उनके उठाए गए मुद्दों और CBSE के जवाबों पर विचार करेगी।’
OSM की गड़बड़ी सामने लाने वाले 2 छात्र, दोनों ने परीक्षा दी

- कौन हैं वेदांत: दिल्ली के वेदांत श्रीवास्तव ने भी 12वीं की परीक्षा दी थी। फिजिक्स में 65 नंबर मिले तो उन्होंने आवाज उठाई। रीवैल्युएशन में कॉपी मिली तो गड़बड़ी का पता चला। पहले उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल किया गया। ट्रोलर्स ने उन्हें देशद्रोही तक कहा, बाद में बोर्ड ने गलती मानी और माफी मांगी।
- कौन हैं सार्थक: रांची के 17 साल के सार्थक सिद्धांत टेक रिसर्चर हैं। उन्होंने भी परीक्षा दी थी। उन्होंने एक आम छात्र से आगे बढ़कर एक खोजी पत्रकार/डेटा साइंटिस्ट की तरह काम किया। सीबीएसई की तरफ से जारी पिछले 576 दस्तावेजों का बारीकी से अध्ययन और तुलना कर टेंडर में गड़बड़ी का खुलासा किया।

अभी तक क्या-क्या हुआ….
- 13 मई- CBSE ने 12वीं बोर्ड परीक्षा के नतीजे घोषित किए।
- 19 मई- पोस्ट रिजल्ट शिकायतों के समाधान के लिए पोर्टल खोला, लेकिन पहले ही दिन क्रैश हो गया।
- 22 मई- तीन बार एक-एक दिन के लिए आंसरशीट की फोटोकॉपी लेने की तारीख बढ़ाई गई।
- 25 मई- पोर्टल दुरुस्त करने के लिए देश के दो आईआईटी से मदद मांगी गई।
- 1 जून- OSM का रीवैल से जुड़ा पोर्टल दिन भर नहीं खुल सका।
- 2 जून- बोर्ड ने पोर्टल लाइव करने की घोषणा की, यह 6 जून तक ओपन रहेगा।

COEMPT पर तेलंगाना बोर्ड एग्जाम में गड़बड़ी के आरोप
COEMPT एडुटेक तेलंगाना के हैदराबाद की कंपनी है। ये फर्म तेलंगाना, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में डिजिटल इवैल्युएशन का काम करती है। 2019 में इसका नाम ग्लोबरेना टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड था।
तब इस पर तेलंगाना में 12वीं के बोर्ड एग्जाम में डेटा प्रोसेसिंग में गड़बड़ी के आरोप लगे थे। उस साल राज्य में 9.74 लाख में से 3 लाख से ज्यादा बच्चे फेल हो गए थे।
संसदीय समिति में 31 सांसद
संसदीय समिति में लोकसभा और राज्यसभा के कुल 31 सांसद शामिल हैं। समिति शिक्षा से जुड़े मामलों की समीक्षा करती है। जरूरत पड़ने पर अधिकारियों, संस्थानों या संबंधित लोगों को बुलाकर उनका पक्ष सुन सकती है।
ये समिति 2024 के NEET-UG पेपर लीक और NTA की कार्यप्रणाली को लेकर भी चर्चा में रही थी। दिसंबर 2025 में अपनी रिपोर्ट में समिति ने कहा था कि NTA का प्रदर्शन भरोसा नहीं जगा पाया है। उसने परीक्षा संचालन में सुधार और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की सिफारिश की थी।
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पेपर लीक के चलते रद्द हुआ NEET-UG का एग्जाम 21 जून को दोबारा होगा। इस बार पेपर पहुंचाने से लेकर बाकी प्रोसेस में एयरफोर्स और आर्मी की मदद ली जाएगी।
इधर CBSE ने 12th एग्जाम की कॉपी पहली बार डिजिटल तरीके से चेक करवाईं। बच्चों ने इसमें कई तरीके की खामियां बता दीं। मार्किंग का काम प्राइवेट कंपनी के जिम्मे था।
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