8.2 C
London
Thursday, May 14, 2026
Home Business AIADMK के 30 विधायक विजय के साथ आना चाहते हैं:पलानीसामी के साथ...

AIADMK के 30 विधायक विजय के साथ आना चाहते हैं:पलानीसामी के साथ सिर्फ 17 नेता; दो गुटों में बंट सकती है पार्टी

0
171

चेन्नई22 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

तमिलनाडु में AIADMK पार्टी में दो हिस्सों में टूट गई है। पार्टी के नेता सीवी षणमुगम ने CM विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) को समर्थन देने का आधिकारिक ऐलान कर दिया। कहा जा रहा है कि उनके साथ 30 विधायकों ने भी विजय को समर्थन देना स्वीकार किया है।

मंगलवार सुबह षणमुगम ने बयान दिया, ‘हम जनता के जनादेश को स्वीकार करते हैं। यह जनादेश TVK के लिए नहीं, विजय के लिए है। इसलिए हम TVK सरकार को अपना समर्थन देते हैं। अगर हम DMK के साथ गठबंधन करते तो AIADMK का अस्तित्व ही समाप्त हो जाता।’

षणमुगम ने यह भी कहा- मेरी AIADMK तोड़ने की कोई मंशा नहीं है। एडप्पादी पलानीसामी ही हमारे नेता हैं।

2026 के विधानसभा चुनाव में AIADMK केवल 47 सीटें ही जीत पाई। AIADMK में अब केवल पलानीसामी गुट रह गया है। इसमें 17 नेता हैं।

दोनों गुटों में पहली बार मतभेद तब दिखाई दिए, जब AIADMK के नवनिर्वाचित सदस्य सोमवार को तमिलनाडु की 17वीं विधानसभा के पहले सत्र में शामिल होने आए थे।

षणमुगम बोले- हमारा पूरा फोकस पार्टी को दोबारा मजबूत करने पर

षणमुगम ने कहा- हमने AIADMK की स्थापना DMK के खिलाफ की थी। 53 सालों से हमारी राजनीति DMK के खिलाफ रही है। इसे देखते हुए एक प्रस्ताव रखा गया था, जिसमें सुझाव दिया गया था कि DMK के समर्थन से AIADMK की सरकार बनाई जाए। हालांकि, हमारे ज्यादातर सदस्यों ने इसे अस्वीकार कर दिया और इसका विरोध किया। अगर हम DMK के साथ गठबंधन करते तो AIADMK का अस्तित्व ही खत्म हो जाता।

षणमुगम ने ये भी कहा कि हम अभी बिना किसी गठबंधन के खड़े हैं और अब हमारा ध्यान अपनी पार्टी को फिर से मजबूत और जीवंत बनाने पर होना चाहिए। आखिरकार हमने अपना समर्थन चुनाव जीती TVK को देने का फैसला किया।

AIADMK के पूर्व नेता ने कहा था- पार्टी में फूट पड़ चुकी है

AIADMK के पूर्व नेता केसी पलानीसामी ने कहा, पार्टी के भीतर साफतौर पर फूट पड़ चुकी है। कई विधायक नेतृत्व में बदलाव चाहते हैं। अगर एडप्पादी पलानीसामी नेता बने रहते हैं, तो इस बात की संभावना है कि कुछ विधायक TVK को समर्थन दे सकते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि एडप्पादी पलानीसामी को पार्टी की टॉप पोस्ट से खुद ही हट जाना चाहिए, ताकि पार्टी फिर से एकजुट और अगला चुनाव लड़ सके।

AIADMK में फूट पड़ने की 4 वजहें…

  • पार्टी के नेताओं में विश्वास नहीं रहा: आधिकारिक तौर पर एडप्पादी पलानीसामी AIADMK के महासचिव है, लेकिन पार्टी के भीतर ज्यादातर लोग अब उनके साथ नहीं हैं। ऐसा माना जा रहा है कि बागी गुट अब औपचारिक रूप से अलग होने की तैयारी कर रहा है।
  • पिछले 5 चुनावों से हार रही पार्टी: पार्टी के भीतर का यह संकट AIADMK के लिए एक मुश्किल दौर में सामने आया है, जब पार्टी को लगातार चुनावी हार का सामना करना पड़ा। इसमें 2019 का आम चुनाव, 2021 का विधानसभा चुनाव, 2024 का लोकसभा चुनाव और 2021 का विधानसभा चुनाव शामिल हैं। इसके अलावा पार्टी को 2025 में इरोड उपचुनाव में भी हार का सामना करना पड़ा।
  • 2024 में पलानीसामी का बीजेपी से मतभेद: AIADMK के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले गठबंधन पर हुई बातचीत के दौरान एडप्पादी पलानीसामी ने कथित तौर पर BJP के वरिष्ठ नेताओं का अपमान किया था, तब से दिल्ली के साथ उनके रिश्ते खराब हो गए।
  • 2026 चुनाव में भाजपा को कमजोर सीटें देना: बागी नेताओं ने एडप्पादी पलानीसामी पर यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने 2026 के विधानसभा चुनावों में BJP को 27 ऐसी सीटें दी थीं, जिन पर जीतना लगभग नामुमकिन था। यह राजनीतिक तौर पर BJP को कमजोर करने की कोशिश थी।

TVK चीफ और एक्टर विजय तमिलनाडु के 9वें सीएम बने

TVK चीफ और एक्टर से नेता बने सी जोसेफ विजय ने 10 मई को तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री की शपथ ली। TVK नेता एमवी करुप्पैया को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया गया है। राज्यपाल ने CM विजय को 13 मई को विश्वास मत हासिल करने को कहा है।

59 साल बाद पहली बार गैर DMK-AIADMK सरकार

तमिलनाडु में 1967 के बाद पहली बार द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (AIADMK) के अलावा किसी तीसरी पार्टी की सरकार बनी है।

1967 में DMK ने कांग्रेस को हराकर पहली बार सत्ता हासिल की थी। 1972 में एमजी रामचंद्रन (MGR) ने DMK से अलग होकर AIADMK बनाई और तब से दोनों दल बारी-बारी से सत्ता में आते रहे।

इस दौरान कांग्रेस, भाजपा, PMK, DMDK जैसी कई पार्टियां उभरीं, लेकिन कोई भी DMK-AIADMK के प्रभुत्व को खत्म नहीं कर पाई।

इस तरह पिछले करीब 59 सालों से तमिलनाडु की राजनीति DMK और AIADMK के इर्द-गिर्द ही घूमती रही। 59 सालों बाद कोई तीसरी पार्टी यानी TVK की सरकार बनी है।

————————-

ये खबर भी पढ़ें…

विजय की शपथ में राष्ट्रगान–वंदेमातरम पर विवाद: DMK बोली- पहले तमिल गीत बजाने की परंपरा

तमिलनाडु में सीएम विजय के शपथ ग्रहण समारोह में ‘तमिल थाई वाजथु’ (तमिल राज्य गीत) से पहले ‘जन गण मन’ और ‘वंदे मातरम’ बजाने पर विवाद शुरू हो गया है। डीएमके ने इस पर आपत्ति जताई है। डीएमके का कहना है कि राज्य के सम्मान के लिए तमिल राज्य गीत सबसे पहले बजाया जाना चाहिए था। पूरी खबर पढ़ें…

Get $10 by answering a Simple Survey. Click Here