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Saturday, July 25, 2026
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West Asia Tension LIVE: ईरान पर अमेरिकी सेना के हमलों का दायरा बढ़ा, जंग पर राष्ट्रपति ट्रंप क्या बोले?

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10:57 AM, 25-Jul-2026

इस्राइली सेना ने रात भर वेस्ट बैंक के कई कस्बों में छापेमारी की

वेस्ट बैंक के कई इलाकों में इस्राइली सेना की छापेमारी और सेटलर्स की हिंसा का नया दौर चला। इसमें बेथलहम और नाब्लस में गोलीबारी से एक फलस्तीनी किशोर और एक बुज़ुर्ग व्यक्ति घायल हो गए। इस्राइली सेना ने जेरिको के दक्षिण में अकबत जाबर कैंप, कालकिल्या शहर, रामल्ला जिले के कोबार गांव और यरूशलेम के उत्तर में काफ्र अकब कस्बे में छापेमारी की। सैनिकों ने जेनिन गवर्नरेट में जबाबदेह और बुरकिन गांवों के साथ-साथ याबाद कस्बे में भी धावा बोला, जबकि एक और छापेमारी तुलकारम के दक्षिण में फारौन गांव को निशाना बनाकर की गई।

नाब्लस में, सेना की टुकड़ियां ताल और कर्यूत गांवों के साथ-साथ बेत फुरिक कस्बे में भी दाखिल हुईं। उन्होंने ताल में बड़े पैमाने पर लोगों को हिरासत में लेने का अभियान चलाया और बेत फुरिक में कई घरों की तलाशी ली। इन छापों के दौरान, सैनिकों ने कर्यूत में फलस्तीनी घरों पर आंसू गैस के गोले दागे, जबकि सेटलर्स ने नाब्लस के दक्षिण में उरीफ गांव के घरों पर हमला किया।

10:55 AM, 25-Jul-2026

यानबू प्रांत में संभावित खतरा टला- सऊदी अरब

सऊदी सिविल डिफेंस निदेशालय ने यानबू प्रांत में संभावित खतरे के बारे में एक और अलर्ट जारी किया था, निदेशालय ने लोगों को शांत रहने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। इसके बाद सऊदी नागरिक सुरक्षा निदेशालय ने सोशल मीडिया एक्स पर एक नए पोस्ट में कहा है कि यानबू प्रांत में अब खतरा टल गया है। यह आज रात तीसरी बार था जब निदेशालय ने यानबू के लिए संक्षिप्त चेतावनी जारी की।

Alert: The danger has passed in Yanbu Governorate. For your safety, continue following #CivilDefense instructions and avoid gathering and filming. In case of emergency, call (911). pic.twitter.com/3V9sAG3Fyn

— الدفاع المدني السعودي (@SaudiDCD) July 25, 2026

10:25 AM, 25-Jul-2026

ईरान के खिलाफ US ‘पूरी तरह तैयार’ है- ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई के लिए अमेरिका पूरी तरह तैयार है, लेकिन साथ ही जोर दिया कि उनका प्रशासन बातचीत में भी लगा हुआ है। उन्होंने कहा कि अगर तेहरान अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाओं को छोड़ देता है, तो कूटनीति ही उनकी पसंद का विकल्प बनी रहेगी। व्हाइट हाउस में नागरिक परमाणु ऊर्जा पर आयोजित एक कार्यक्रम में, ट्रंप ने कहा कि अमेरिका सैन्य अभियानों को तेज करने के लिए तैयार है, साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि ईरान किसी समझौते पर पहुंचने को लेकर ज्यादा गंभीर हो रहा है। राष्ट्रपति ने कहा कि दो संभावित रास्ते हैं। उन्होंने कहा, ‘एक सैन्य रास्ता है जिसमें हम वैसे ही आगे बढ़ते रहें जैसे अभी कर रहे हैं, और हम इसे और भी सख्त बना सकते हैं’। या फिर एक बेहतर रणनीति है कि आप कोई समझौता करें और वे भी समझौता करना चाहें। मुझे बस नहीं लगता कि वे अभी इसके लिए तैयार हैं।

10:16 AM, 25-Jul-2026

अराघची ने अमेरिका-इस्राइल की ‘आक्रामकता’ के खिलाफ मॉस्को के रुख का किया स्वागत

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अपने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव के साथ बैठक के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य में मौजूदा हालात के लिए अमेरिका के ‘वादा तोड़ने और अपराधों’ को जिम्मेदार ठहराया।  मंत्रियों ने शुक्रवार को किर्गिस्तान में शंघाई सहयोग संगठन की बैठक के दौरान बातचीत की। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA की रिपोर्ट के अनुसार, अराघची ने ईरान के खिलाफ अमेरिका-इस्राइल की ‘सैन्य आक्रामकता की कड़ी निंदा करने वाले रूस के सैद्धांतिक रुख’ का स्वागत किया।

एजेंसी ने कहा कि अराघची ने ‘कूटनीति के क्षेत्र में ईरान की गंभीरता’ और ‘अपने हितों और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा करने तथा अमेरिका को ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने के मकसद से होर्मुज जलडमरूमध्य का गलत इस्तेमाल करने से रोकने के पक्के इरादे’ पर जोर दिया। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि लावरोव ने ‘क्षेत्रीय देशों पर आधारित सुरक्षा तंत्र’ बनाने में ‘किसी भी तरह की मदद देने के लिए रूस की तत्परता’ जाहिर की।

09:53 AM, 25-Jul-2026

ईरान अमेरिका के साथ बातचीत कर रहा है- ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि ईरानी पक्ष अमेरिका के साथ बातचीत कर रहा है और वह उनकी बात सुनने को तैयार हैं। वॉशिंगटन डीसी में सालाना ‘कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर’ के दौरान ट्रंप ने कहा, ‘वे अभी हमसे बात कर रहे हैं; वे डील करना चाहते हैं। मुझे नहीं लगता कि वे इसके लिए तैयार हैं। मुझे नहीं लगता कि अभी सही समय है, लेकिन मैं उनकी बात सुनने को तैयार हूं, हालांकि उनके पास परमाणु हथियार नहीं हो सकते’।

ट्रंप ने जोर देकर कहा कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई ने ईरानी सेना को बुरी तरह कमजोर कर दिया है। उन्होंने दावा किया, ‘हमने वहां ईरान पर जबरदस्त प्रहार किया है’। उन्होंने कहा कि ‘उनकी नौसेना खत्म हो चुकी है’ और ‘उनकी वायु सेना भी खत्म हो गई है’। उन्होंने खास तौर पर जिक्र किया कि ‘अब 250 जेट नहीं रहे’ और ‘159 नावें’ समुद्र की तलहटी में समा चुकी हैं।

उन्होंने आगे कहा, ‘उनके पास कोई रडार नहीं है, उनके पास बहुत कम ड्रोन बचे हैं। भले ही कभी-कभार आपको कुछ चीजें दिखें या वे कुछ चीजें तैयार करने की कोशिश करें, लेकिन असल में उनके पास ज्यादा कुछ नहीं बचा है’। उन्होंने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा, ‘असल बात यह है कि हम उन्हें परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे’। साथ ही ट्रंप चेतावनी दी कि ‘वे इसका इस्तेमाल करेंगे। अगर उनके पास यह हथियार होता, तो वे निश्चित रूप से इसका इस्तेमाल करते’।

07:49 AM, 25-Jul-2026

ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी तोड़ने की कोशिश में व्यापारिक जहाज, अमेरिका ने की गोलीबारी

अमेरिकी सेना ने एक अन्य व्यापारिक पोत पर गोलीबारी की। रिपोर्ट के मुताबिक जहाज ईरानी बंदरगाह की नाकाबंदी को तोड़ने की कोशिश कर रहा था। अमेरिका और ईरान ने पीछे हटने का कोई संकेत नहीं दे रहे हैं। या। दोनों पक्षों ने ऐसे कदम उठाए जिनसे तनाव बढ़ने की आशंका बढ़ गई है। अमेरिकी दूतावासों ने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकियों को आगाह करना शुरू कर दिया कि वहां से निकलने के विकल्प सीमित हो सकते हैं, वहीं ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने पड़ोसी देशों के निवासियों को अमेरिकी सैनिकों वाले ठिकानों से दूर रहने की सलाह दी।

06:49 AM, 25-Jul-2026

विदेश मंत्री अराघची बोले- नहीं झुकेगा ईरान

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका के सामने न झुकने का संकल्प दोहराया है। उन्होंने अमेरिका के साथ अक्सर मतभेद रखने वाली दो वैश्विक शक्तियों – चीन और रूस – के साथ चल रही बातचीत का जिक्र करते हुए कहा, ईरान अमेरिकी धमकियों के आगे नहीं झुकेगा। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा, इस्लामी गणराज्य ‘न तो धमकियों से डरता है और न ही दबाव के आगे झुकेगा।’ 

06:15 AM, 25-Jul-2026

ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया, सऊदी ने यमन के बंदरगाह पर बम बरसाए

अमेरिकी सेना की तरफ से लगातार 13वें दिन हुई बमबारी का जवाब देते हुए ईरान की सेना ने भी पलटवार किया। ईरान ने शुक्रवार को फारस की खाड़ी के आसपास अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया। इस इलाके में ईरान के हमलों से तिलमिलाए क्षेत्रीय मुल्क भी आक्राम रुख दिखा रहे हैं। एपी की रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब ने यमन के बंदरगाह शहर होदेइदाह पर हमला किया है। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने स्थिति को और बिगाड़ने की धमकी दी है।

05:42 AM, 25-Jul-2026

सऊदी परमाणु समझौते से मुकरे ट्रंप कहा-अब्राहम समझौते के तहत इस्राइल को देनी होगी मान्यता 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब के साथ हुए परमाणु समझौते को रद्द या अनिश्चित स्थिति में डालते हुए एक नई शर्त रख दी है कि यह सौदा तभी लागू होगा जब सऊदी अरब अब्राहम समझौते में शामिल होकर इस्राइल को मान्यता दे और उससे राजनयिक संबंध स्थापित करे।  ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर साफ किया कि इस नागरिक परमाणु समझौते के तहत सऊदी अरब को किसी भी तरह से यूरेनियम संवर्धन (एनरिचमेंट) नहीं किया जाएगा। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि बिना इस्राइल को मान्यता दिए और संबंध सामान्य किए यह परमाणु समझौता आगे नहीं बढ़ेगा।  अमेरिका के ऊर्जा विभाग द्वारा इस डील की घोषणा के 24 घंटे के भीतर ही ट्रंप के इस नए अल्टीमेटम ने इस समझौते के भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है। वॉशिंगटन में हुए हस्ताक्षर समारोह में अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट शामिल हुए थे।  

रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प इस बात से नाराज थे कि राइट ने उनकी मंजूरी के बिना समझौते की घोषणा कर दी। इसके बाद फॉक्स न्यूज और वॉल स्ट्रीट जर्नल में हुई आलोचना से उनकी नाराजगी और बढ़ गई। रिपोर्ट के अनुसार, व्हाइट हाउस ने ऊर्जा विभाग से समझौते की घोषणा टालने को कहा था, लेकिन विभाग ने हस्ताक्षर समारोह भी किया और मीडिया में इसकी जानकारी भी दी। अब्राहम समझौता पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता स्थापित करने के लिए इस्राइल और अरब देशों के बीच हुआ एक ऐतिहासिक राजनयिक समझौता है। सितंबर 2020 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता में इस पर हस्ताक्षर किए गए थे। इसका मुख्य उद्देश्य दशकों पुरानी दुश्मनी को खत्म कर इस्राइल और मुस्लिम देशों के बीच सामान्य संबंध स्थापित करना है।

05:18 AM, 25-Jul-2026

ईरान के मुताबिक अब तक कितनी जनहानी, युद्धविराम के बाद की लड़ाई में कितने मरे?

ईरानी स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, युद्ध शुरू होने के बाद से 3,434 लोग मारे गए हैं। इनमें से 55 लोग हालिया (टकराव) के दौरान मारे गए। नवीनतम अमेरिकी हमलों से ईरान में परिवहन और संचार अस्थायी रूप से बाधित हुए। हजारों लोगों द्वारा उपयोग किए जाने वाले जल बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा। अमेरिकी सेना ने कहा कि उसके हालिया हमले होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों को खतरा देने की ईरान की क्षमता को कम करने के लिए थे। लेकिन ईरान पीछे नहीं हटा है। उसने जलडमरूमध्य में जहाजों और अमेरिकी ठिकानों वाले खाड़ी देशों पर हमले तेज किए हैं। इन हमलों में कम से कम चार अमेरिकी सैनिक मारे गए और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा। इस्राइल को इस नवीनतम दौर की लड़ाई में अब तक निशाना नहीं बनाया गया है। उसने अमेरिका के साथ हमलों में भाग भी नहीं लिया है।

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