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नेशनल वुमन पार्टी और ऑल इंडिया वुमन यूनाइटेड पार्टी की प्रेसिडेंट ने 9 मार्च को भारतीय महिला दिवस / ‘ इंडियन वुमन डे’ घोषित करने की मांग की है। पहली बार महिलाओं ने राजनैतिक पार्टी का गठन कर सत्ता में 50 फीसदी हिस्सेदारी की मांग की है। ऑल इंडिया वुमन यूनाइटेड पार्टी की अध्यक्ष नसीम बानो ने कहा कि इन दोनों पार्टियों की सदस्य महिलाएं हैं। इन दोनों पार्टियों ने आगामी लोकसभा चुनाव में 283 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है। 13 मार्च को दोनों पार्टियां संयुक्त रूप से जंतर मंतर से इंडिया गेट तक महिलाओं का मार्च निकालेंगी।

एनडब्ल्यूपी की अध्यक्ष श्वेता शेट्टी ने कहा कि अमेरिका की दशकों पुरानी नैशनल वुमंस पार्टी से प्रेरित होकर हमने सिर्फ महिलाओं के लिए इस पार्टी की शुरुआत की। इस पार्टी का मकसद संसद में महिला आरक्षण और कार्यस्थल पर महिलाओं के उत्पीड़न जैसे मुद्दों के खिलाफ लड़ाई लड़ना है। इस पार्टी का लक्ष्य महिलाओं खासकर वंचितों का प्रतिनिधित्व करना है। एनडब्ल्यूपी की सदस्यों में पूर्व राष्ट्रपति आर. वेंकटरमन की बेटी पद्मा वेंकटरमन, क्रिकेटर रविंद्र जडेजा की बहन नैना जड़ेजा और तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता की बायोपिक में जयललिता का रोल निभाने वाले अभिनेत्री नित्या मेनन शामिल है। शेट्टी ने कहा कि सामाजिक और आर्थिक आरक्षण और महिलाओं में राजनैतिक जागृति इस गठबंधन का टॉप मोस्ट एजेंडा है।

नैशनल वुमन पार्टी (एनडब्ल्यूपी) और ऑल इंडिया वुमन यूनाइटेड पार्टी (एआईडब्ल्यूयूपी) के गठबंधन ने दिल्ली में चूड़ी चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है, वहीं उत्तर प्रदेश, बिहार और बाकी राज्यों के लिए चुनाव आयोग ने उन्हें गैस स्टोव चिन्ह आवंटित किया है। एआईडब्ल्यूयूपी का गठन 2014 में दिल्ली में किया गया था, जबकि एनडब्ल्यूपी का गठन 2012 में तेलंगाना निवासी डॉक्टर श्वेता शेट्टी ने किया था।