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डॉ. उर्वशी आनंद प्रोफेशन से एक सीनियर कंसलटेंट क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट हैं, जो मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में सालों से कई महत्वपूर्ण कार्य कर रही हैं। उनका मानना है की मानसिक तनाव ही लोगों में मानसिक और शारीरिक बीमारियों की बढती तादाद का सबसे बड़ा कारण है, और इलाज़ से बेहतर है परहेज़| इसलिए उन्होंने हर उम्र के लोगों में मानसिक तनाव घटाने के लिए कई “माइंडफुलनेस” पर आधारित प्रोग्राम्स डेवलप और टेस्ट करे और फिर उन पर कई सारे ग्रुप वर्कशॉप करी हैं| उर्वशी जी कॉरपोरेट कंपनियों, यूनिवर्सिटीज, स्कूल, उभरते खिलाडी, सिंगर्स, कॉमेडियन्स, डॉक्टर्स, सरकारी ऑफिसर्स, मिनिस्टर्स, पुलिस, सोल्ज़र्स, ल़ॉयर्स इत्यादि के साथ वर्षों से काम करती आई हैं| उन्होंने एल.जी, सोपरा सटेरिया, मै.ककिं.से, एफ.आई.एस. ग्लोबल, यामाहा, देवयानी इंटरनेशनल ग्रुप, अपोलो टायर्स, सेंट स्टीफंस अस्पताल, इहबास अस्पताल, श्री अरबिंदो आश्रम और इंडिया हैबिटेट सेंटर जैसे संस्थानों के लिए मनोविज्ञान, तनाव, और लीडरशिप से सम्बंधित सौ से भी अधिक वर्कशॉप भी आयोजित की है

वह इस समय ईस्ट दिल्ली में कैलाश आई एंड मेडिकल सेंटर (के.ई.एम.सी) में इंडिपेंडेंट प्राइवेट प्रैक्टिस करती हैंl वह किशोर अवस्था और युवा वर्ग की समस्याओं और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओ की विमहंस,नई दिल्ली में पूर्व प्रमुख हेड रह चुकी हैं| उन्होंने 2018 में निमहंस के शट क्लिनिक के एक्सपर्ट्स के संरक्षण में भारत का तीसरा, और दिल्ली का दूसरा “टेकनोलॉजी/ इंटरनेट एडिक्शन क्लीनिक” (टी.ए.सी), को स्थापित किया है और अभी भी वह उसकी प्रमुख हैंl वह “आस्क डॉ. उर्वशी” फेसबुक पेज और ऑनलाइन कॉलम भी चलाती है जहाँ वह साल भर लोगों को अपनी मानसिक समस्याओं से जूझने से सम्बंधित इनफार्मेशन और गाइडेंस देती हैं, आर्टिकल्स लिखती हैं, और कई ऑनलाइन मेंटल हेल्थ कैम्पेन भी चलाती रहती हैं।अभी वह स्टार इंडिया के रेडियो शो “मन की गूंज” के लिए एक्सपर्ट क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट चुनी गई हैं

पास्ट में वह कस्तूरबा मेडिकल कॉलेज, टाटा इंस्टिट्यूट फॉर सोशल साइंस और दिल्ली यूनिवर्सिटी में पूर्व असिस्टेंट प्रोफेसर और रिसर्च रह चुकी हैं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी, ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, इंस्टिट्यूट ऑफ ह्यूमन बिहेवियर एंड एलाइड साइंसेज और नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरोसाइंस से अपनी शिक्षा और क्लिनिकल ट्रेनिंग ली। उन्होंने मानसिक तनाव से राहत दिलाने के लिए “माइंडफुलनेस” पर आधारित थेरपिस के क्षेत्र में निमहंस से पी.एच.डी की डिग्री हासिल की है। साथ ही में, उन्हें इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आई.सी.एम.आर) और काउंसिल फॉर साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च (सी.एस.आई.आर)के रिसर्च ट्रैवल अवॉर्ड से भी नवाजा गया है। उन्हें एन .बी.आर.सी और डी.आई.पी.आर को भी रिसर्च प्रोजेक्ट में कंसलटेंट के तौर पर रखा गया है|

उर्वशी समाज के हित में कई बेहतरीन कार्य कर रही हैं, जिनके बारे में “द वीक मैगजीन”, “एन.डी.टी.वी” न्यूज़ , “हिंदुस्तान टाइम्स” न्यूज़पेपर , “टाटा स्काई-फेमहेल्थ” शो, “सीसीएन” टी.वी, “नंदन मैगजीन” आदि में लगातार खबरें प्रकाशित होती रहती हैं। सन 2017 में उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य में नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए संगत, हार्वर्ड यूनिवर्सिटी और लंदन स्कूल ऑफ ट्रॉपिकल मेडिसिन से ट्रेनिंग ली है। इसके अलावा वह अगले 3 सालों के लिए असोसिएशन ऑफ क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट (आई.ए.सी.पी, दिल्ली-एन.सी.आर क्षेत्र) में ऑनरेरी संयुक्त सचिव चुनी जा चुकी हैं| किशोरों में तनाव घटाने और उनकी वेल बीइंग बढ़ाने के लिए “माइंडफुलनेस बेस्ड स्कूल प्रोग्राम (एम.बी.एस.पी.)” पर उनकी किताब जल्द ही प्राकशित होने जा रही है।