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फूलनदेवी की हत्या की सीबीआई जांच हो : फूलनदेवी के पति

वीरांगना फूलनदेवी जी की हत्या की सी.बी.आई की जांच को लेकर पूरी दुनिया में फूलनदेवी को चाहनेवालों में जनाक्रोश आंदोलन करने की आज दिनांक
05 . 01. 2019 को घोषणा की गई | फूलनदेवी जी के पति उमेद कश्यप जी ने कहा की भारत वर्ष में आज भी दो तरह के कानून लागू होते हैं , काले हिरण को मारने पर सलमान खान एवं आदि लोगो की सी.बी.आई जाँच होती है | एक सिटींग मैम्बर ऑफ़ पार्लियामेंट फूलन देवी की संसद चलते हुए देश की सबसे सुरक्षित जगह संसद भवन के निकट 44, अशोका रोड, नई दिल्ली के सामने 25 जुलाई 2001 को गोलियों से छलनी कर दिया जाता है और उसकी सी.बी.आई जाँच के लिए उमेद कश्यप जी बार बार मांग किये | राजघाट पर आमरण अनशन जुलाई ,अगस्त 2001 में किये | प्रधानमंत्री, माननीय ग्रह मंत्री जी को ज्ञापन दिये इसके बावजूद सी.बी.आई जाँच नहीं की गयी | उमेद कश्यप जी ने कहा की इस हत्या के पीछे राजनितिक एवं जातिवादी मानसिकता के तहत संसद फूलनदेवी जी की हत्या कराई गयी |
इसमें षड्यंत्र के तहत एक आदमी को सजा देकर बाकी सबको छोड़ दिया गया और षड्यंत्रकारी , राजनितिक एवं जातिवादी लोगो के नाम भी एफ.आई.आर नहीं लिखा गया | जिस व्यक्ति को सजा दी गयी राजनितिक एवं जातिवादी षड्यंत्रकायों ने उसको भी जेल से बहार निकल दिये | उक्त आरोपी तो एक कारतूस है | जनता चाहती है की इसके पीछे जो षड्यंत्रकारी है उन सभी को भी कानून की धारा के अनुसार सजा हो |
पूरी दुनिया में फूलनदेवी जी को आदर्श मानने वाली जनता में काफी आक्रोश है और उसी आक्रोश के तहत आज इस प्रेस वार्ता के माध्यम से पूरी दुनिया में एक जन आक्रोश आंदोलन शुरू होगा | जिसकी शुरुआत 8 जनवरी 2019 को सुबह 11 बजे मावलंकर हॉल , कंस्टीटूशन क्लब ,नई दिल्ली , प्रथम जनाक्रोश सभा का आयोजन किया गया है |

हम मा. राष्टपति जी, मा. प्रधानमंत्री एवं मा. गृहमंत्री जी से मांग करते हैं की वीरांगना फूलनदेवी की हत्या की निष्पक्ष जाँच करवाकर सभी षड्यंत्रकारियों को
क़ानून के तहत फांसी और कानून की धारा के अनुसार सजा दी जाए | ऐसे बहुत सारे केस हैं जिसमे सरकार कोर्ट का फैसला आने के बाद भी सी.बी.आई करवाकर दोषियों को सजा दिलाई |
अगर सी.बी.आई जाँच नहीं हुई तो 8 जनवरी के बाद पुरे देश में जनाक्रोश यात्रा निकालेंगे और दिल्ली के रामलीला मैदान में लाखों की तदाद में जनाक्रोश
सभा किया जाएगा |

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