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कम उम्र में प्राथमिक शिक्षा की नींव मजबूत करने के लिए, भारत में प्ग् प्राइमरी ओलंपियाड आयोजित किया जाएगा। इस परीक्षा को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि इससे छात्रों और माता-पिता दोनों को सुधार क्षेत्रों और उनके राष्ट्रीय स्तर के शैक्षिक प्रदर्शन को समझने में मदद मिलेगी।

प्राइमरी ओलंपियाड पहली से पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों के साथ- साथ उनके षिक्षकों के लिए राष्ट्रीय स्तर के प्रमाणीकरण कार्यक्रम एवं प्रतिस्पर्धा के रूप में आयोजित किया जाता है। इस प्रतियोगिता में पांच स्तर होते हैं और संबंधित कक्षाओं में पढ़ रहे छात्र संबंधित स्तरों का चयन कर सकते हैं। ओलंपियाड में लैंग्वेज, मैथेमैटिक्स और साइंस सेक्षन शामिल होते हैं। लैंग्वेज ओलंपियाड वर्तनी और व्याकरण पर केंद्रित है, मैथ्स ओलंपियाड अंकगणित और ज्यामिति पर केंद्रित है और साइंस ओलंपियाड विज्ञान और पर्यावरण अध्ययन पर केंद्रित है।

प्राइमरी ओलंपियाड के नेषनल प्रोडक्ट हेड श्री हेमंत बिष्ट कहते हैं, ‘‘हमारी शिक्षा प्रणाली में, राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं केवल 10वीं या 12वीं मानक स्तर पर आयोजित की जाती हैं, जो शैक्षिक परिणामों को प्रभावित करती है। इस स्थिति का तत्काल समाधान किए जाने की जरूरत है, क्योंकि प्रारंभिक पारदर्शिता की कमी के कारण सिस्टम अपने आप को सुधार नहीं पाती है। छोटी कक्षाओं से ही सीखने वाले छात्रों का आकलन करने के लिए शिक्षाविदों के बीच जबरदस्त विवाद है। कुछ षिक्षाविदों का मानना है कि परीक्षा के तनाव से युवा बच्चों को वास्तविक शिक्षा के लाभों से अधिक नुकसान होता है, जबकि अन्य षिक्षाविद तर्क देते हैं कि परीक्षा के परिणाम वास्तविक सीखने का वास्तविक प्रतिबिंब नहीं हैं।

प्राइमरी ओलंपियाड में पंजीकरण करा चुके छात्रों को अध्ययन सामग्री के रूप में पुस्तकें दी जाती हैं जो उनके स्कूल पाठ्यक्रम के साथ जुड़े होते हैं और इसलिए उनका अतिरिक्त अभ्यास सामग्री के रूप में भी उपयोग किया जा सकता है। लैंग्वेज ओलंपियाड के लिए पंजीकृत छात्रों को वर्तनी की एक पुस्तक, व्याकरण की एक पुस्तक और कंप्रीहेंसन तथा कंपोजिषन की एक पुस्तक दी जाती है। मैथ्स ओलंपियाड के लिए पंजीकृत छात्रों को गणित की एक पाठ्य पुस्तक और एक एक्टिविटी बुक दी जाती है। साइंस ओलंपियाड के लिए पंजीकृत छात्रों को विज्ञान की एक पाठ्य पुस्तक और पर्यावरण अध्ययन की एक पुस्तक दी जाती है।

छात्रों को प्रभावी तरीके से तैयारी में सहायता के लिए भाग लेने वाले स्कूलों के शिक्षकों को एक शिक्षक मार्गदर्शिका भी प्रदान की जाती है। नामांकित स्कूलों के षिक्षकों को मास्टर ट्रेनर की एक टीम भी अत्याधुनिक शिक्षण पद्धति और विषयों को बेहतर ढंग से समझने के आसान तरीकों पर सहायता करती है।

श्री बिष्ट ने कहा, ‘‘प्राथमिक कक्षाओं में वार्षिक परीक्षा नहीं होने के कारण, प्राथमिक कक्षाओं के छात्र गैर-शैक्षिक और स्कूल की गतिविधियों के संपर्क से भी वंचित रहते हैं। जबकि सरकार ने शिक्षा प्रणाली में सुधार के लिए व्यवस्थित लेकिन अभी तक क्रमिक प्रगति की है। इसलिए गैर-लाभकारी संगठनों ने उपरोक्त मुद्दों को उजागर करने और अंतरराष्ट्रीय मानक की सामग्री तैयार कर या प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं का संचालन करके सरकारी पहल का समर्थन करने का बीड़ा उठाया है।’’

इसके तहत प्रत्येक कक्षा के विजेताओं को प्रमाण पत्र और मान्यता के साथ 10000 रुपये तक की छात्रवृत्ति से सम्मानित किया जाएगा। जो छात्र फिनाले में नहीं जा पाएंगे उन्हें पुरस्कार, प्रमाण पत्र और मान्यता के अलावा, एक विस्तृत स्कोर कार्ड दिया जाएगा जिसमें विभिन्न योग्यता आयामों में उनके प्रदर्शन का विश्लेषण किया हुआ होगा। स्कूलों को एक गोपनीय स्कोर कार्ड भी दिया जाता है जिसमें यह दिखाया जाता है कि स्कूल ने अन्य स्कूलों के सापेक्ष कैसा प्रदर्शन किया।

20 से अधिक शहरों में भूतपूर्व छात्रों के आधार और सर्वोत्तम स्कूलों के सहयोग के साथ, प्रदान की जाने वाली सेवाएं इस क्षेत्र में विशिष्ट हैं। छात्रों के गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अभियान का समर्थन करने के लिए राज्य सरकारों और पीएसयू के साथ सफलतापूर्वक कार्यान्वित किया जाने वाला प्राइमरी ओलंपियाड प्रभावी ढंग से सीखने पर लगातार काफी प्रभाव डाल रहा है।
प्राइमरी ओलंपियाड को पहली बार जून 2010 में ’इंग्लिष ओलंपियाड’ के नाम से लॉन्च किया गया था और यह केवल मुंबई तक ही सीमित था। अद्वितीय क्षेत्र में 9 वर्षों से अधिक की उत्कृष्टता के साथ, प्राइमरी ओलंपियाड सबसे पुराना सर्टिफिकेट प्रोग्राम है, जो देश में प्राथमिक कक्षाओं के लिए प्रीमियम सर्टिफिकेषन प्रोग्राम के रूप में उभर रहा है। प्राइमरी ओलंपियाड में अब 20 शहरों के 200 स्कूलों के 12,000 से अधिक छात्र हिस्सा लेते हैं। इस वर्ष इसके पंजीकरण के लिए अंतिम तिथि 15 अक्टूबर है।